Showing posts with label Budget session. Show all posts
Showing posts with label Budget session. Show all posts

Monday, 29 February 2016

आम बजट 2016: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की ये अहम घोषणाएं

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को संसद में 2016-2017 का बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था गंभीर अवस्था से गुजर रही है, भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति स्थिर बनी हुई है।

जानिए आम बजट से जुड़ी अहम घोषणाएंः

कृषि क्षेत्र के लि अहम घोषणाएं

किसान की आय को दोगुना करने पर जोर

कृषि क्षेत्र में 100 फीसद विदेशी निवेश को मंजूरी

अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन में बदलाव के लिए 'ट्रांसफार्म इंडिया'।

5 साल में किसानों की आमदनी दोगुना करने का लक्ष्य।

मनरेगा के तहत पांच लाख तालाब बनेंगे।

पीएम ग्राम सड़क योजना पर अब खास ज़ोर।

कृषि सिंचाई के लिए अगले पांच साल में सरकार 86 हजार 500 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।

'स्वच्छ भारत' के तहत कचरे से खाद बनेगी।

1 मई 2018 तक सभी गांवों तक बिजली पहुंचेगी।

परंपरागत कृषि विकास योजना लाई जाएगी।

दालों की पैदावार के लिए 500 करोड़।

एकीकृत खेती बाजार योजना लाई जाएगी।

सिंचाई योजना के लिए 17 हजार करोड़।

गरीब महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन देने के लिए 2000 करोड़ का मेगा प्रॉजेक्ट ला रहे हैं।

दो साल में 62 नए नवोदय विद्यालय खोले जाएंगे।

राज्य हाइवे को नेशनल हाइवे में तब्दील किया जाएगा।

नए कर्मचारियों के लिए तीन साल तक EPF देगी सरकार।

वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त 30000 रुपए की स्वास्थ्य सेवाओं में छूट।

जीडीपी विकास दर 7.6 है। अर्थव्यवस्था के लिए यह मजबूती का संकेत है।

आईएमएफ ने भारत की प्रशंसा की।

7वें वेतन आयोग और ओआरओपी को देखते हुए हमें अपने खर्चों की प्राथमिकता तय करनी है।

आधार कार्ड को संवैधानिक दर्जा मिलेगा।

सामाजिक क्षेत्रों के लिए अहम घोषणाएं

सस्ती दवाओं की 3000 दुकानें खुलेंगी, गरीबों को मिलेगी बड़ी राहत

सभी जिला अस्पतालों में डायलसिस की सुविधा मुहैया कराई जाएगी

प्रति परिवार एक लाख तक मेडिकल इंश्योरेंश, सीनियर सिटिजन के लिए 30 हजार रुपये का टॉप अप प्लान

5 करोड़ बीपीएल परिवारों को महिलाओं के नाम एलपीजी कनेक्शन दिए जाएंगे

15000 बहु कौशल प्रशिक्षण संस्थान बनेंगे।

अगले तीन वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कुशल बनाया जाएगा

स्किल इंडिया मिशन के लिए 1700 करोड़ रुपये की राशि

अगले दो वर्ष में 62 नवोदय विद्यालय खोले जाएंगे

राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान शुरू किया जाएगा, 655 करोड़ रुपये आवंटित

16.8 करोड़ ग्रामीण परिवारों के पास कंप्यूटर नहीं, इनमें डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए स्कीम चलाई जाएगी।

फूड प्रोसेसिंग के लिए 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को मंजूरी

संसद में पेश की जाएगी दिवालिया संहिता ताकि बिजनेस की अड़चनें दूर हों

विनिवेश विभाग का नया नाम दीपम दिया जा रहा है

50 हजार किलोमीटर का स्टेट हाइवे बनेगा

10 हजार किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग का विस्तार होगा

परमिट राज को खत्म करने की ओर बढ़ेगी सरकार, मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव होगा

EPFO के लिए एक हजार करोड़ रुपये का फंड

रेलवे व सड़क परिवहन में कुल 2.18 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा

शुरू के तीन साल तक नए कर्मचारियों को EPF का अंशदान 8.33 फीसदी देगी सरकार 

Watch here: News Video in Hindi

बजट 2016: वित्त मंत्री ने बढ़ाया सर्विस टैक्स, सब कुछ हुआ महंगा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को अपने बजट भाषण की शुरुआत पिछली सरकार को कोसते हुए की। उन्होंने एक शेर बोलते हुए कहा कि कश्ती चलाने वालों ने जब हार कर दी पतवार हमें, लहर-लहर तूफान मिले फिर भी दिखाया है हमने, और फिर इन हालातों में दिखा देंगे, दरिया करना आता है पार हमें।

वित्त मंत्री ने इस बार बजट में सर्विस टैक्स 14.5 फीसद से बढ़कर 15 फीसद कर दिया है। इससे सभी सामानों के दाम बढ़ जाएंगे। इसका असर अाम जनता पर पड़ेगा।

अरुण जेटली ने कहा कि मैं यह बजट तब पेश कर रहा हूं जब पूरी दुनिया अर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है। जीडीपी ग्रोथ 7.6 फीसद पर पहुंच गई है। वहीं सीपीआई इन्फ्लेशन 5.4 फीसद पर पहुंच गई है।

वित्तमंत्री ने कहा कि भारत की विकासदर बेहद ऊंची है। जबकि हमें कमज़ोर विरासत मिली थी। लगातार दो ख़राब मॉनसून के बावजूद कामयाबी। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 350 बिलियन डॉलर है।

7वें वेतन आयोग और ओआरओपी को देखते हुए हमें अपने खर्चों की प्राथमिकता तय करनी है। इन प्राथमिकताओं के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इसका फोकस ग्रामीण विकास सोशल सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकों के पुनर्पूंजीकरण पर होगा। मेरा बजट 9 स्तंभों पर आधारित है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुनी करने के अलावा फसल बीमा योजना और स्वास्थ्य बीमा योजना लाना है। हमने संकट को अवसर में बदला है और आर्थिक सुधारों की रफ्तार बनाए रखेंगे।

    किसानों के लिए 15 हजार करोड़ का प्रावधान

    दोलों के उत्पादन के लिए 500 करोड़

    9 लाख करोड़ के लोन की व्यवस्था

    स्वच्छ भारत के तहत कचरे से खाद बनाना

    कम प्रीमियम पर फसल बीमा

    6000 करोड़ भू-जल संसाधन के लिए

    अगले तीन सालों में 5 लाख एकड़ को ऑर्गेनिक फार्मिंग के अंतर्गत लाना है।

Watch here: News Video Hindi