Monday, 29 February 2016

बजट 2016: वित्त मंत्री ने बढ़ाया सर्विस टैक्स, सब कुछ हुआ महंगा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को अपने बजट भाषण की शुरुआत पिछली सरकार को कोसते हुए की। उन्होंने एक शेर बोलते हुए कहा कि कश्ती चलाने वालों ने जब हार कर दी पतवार हमें, लहर-लहर तूफान मिले फिर भी दिखाया है हमने, और फिर इन हालातों में दिखा देंगे, दरिया करना आता है पार हमें।

वित्त मंत्री ने इस बार बजट में सर्विस टैक्स 14.5 फीसद से बढ़कर 15 फीसद कर दिया है। इससे सभी सामानों के दाम बढ़ जाएंगे। इसका असर अाम जनता पर पड़ेगा।

अरुण जेटली ने कहा कि मैं यह बजट तब पेश कर रहा हूं जब पूरी दुनिया अर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है। जीडीपी ग्रोथ 7.6 फीसद पर पहुंच गई है। वहीं सीपीआई इन्फ्लेशन 5.4 फीसद पर पहुंच गई है।

वित्तमंत्री ने कहा कि भारत की विकासदर बेहद ऊंची है। जबकि हमें कमज़ोर विरासत मिली थी। लगातार दो ख़राब मॉनसून के बावजूद कामयाबी। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 350 बिलियन डॉलर है।

7वें वेतन आयोग और ओआरओपी को देखते हुए हमें अपने खर्चों की प्राथमिकता तय करनी है। इन प्राथमिकताओं के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इसका फोकस ग्रामीण विकास सोशल सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकों के पुनर्पूंजीकरण पर होगा। मेरा बजट 9 स्तंभों पर आधारित है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुनी करने के अलावा फसल बीमा योजना और स्वास्थ्य बीमा योजना लाना है। हमने संकट को अवसर में बदला है और आर्थिक सुधारों की रफ्तार बनाए रखेंगे।

    किसानों के लिए 15 हजार करोड़ का प्रावधान

    दोलों के उत्पादन के लिए 500 करोड़

    9 लाख करोड़ के लोन की व्यवस्था

    स्वच्छ भारत के तहत कचरे से खाद बनाना

    कम प्रीमियम पर फसल बीमा

    6000 करोड़ भू-जल संसाधन के लिए

    अगले तीन सालों में 5 लाख एकड़ को ऑर्गेनिक फार्मिंग के अंतर्गत लाना है।

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