Showing posts with label uttar pradesh. Show all posts
Showing posts with label uttar pradesh. Show all posts

Tuesday, 1 March 2016

यूपी में पेट्रोल 63.16, डीजल 50.16 रुपये लीटर

रसोई गैस और पेट्रोल सस्ता हो गया है जबकि डीजल महंगा हुआ है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर में 61.50 रुपये तो 19 किलोग्राम वाले कामर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 107 रुपये की कमी की गई है। पेट्रोल 2.37 सस्ता हुआ है। डीजल के रेट में 1.25 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।

पेट्रोलियम कंपनियों की मासिक समीक्षा बैठक के बाद जो नए रेट लागू किए गए हैं उनके अनुसार यूपी में 14.2 किलो वाला घरेलू गैस सिलेंडर 553.50 रुपये और 19 किलो वाला कामर्शियल गैस सिलेंडर 1099.50 रुपये में मिलेगा। अभी तक घरेलू सिलेंडर की कीमत 615 रुपये और कामर्शियल सिलेंडर 1207 रुपये थी। इसी तरह पेट्रोल अब 63.16 रुपये और डीजल 50.06 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। अभी तक पेट्रोल की कीमत 65.53 रुपये और डीजल 48.81 रुपये प्रति लीटर था।

नई कीमतें सोमवार आधी रात से लागू हो गई हैं। गैस कीमतें कम होने के बाद नकद सब्सिडी योजना के अन्तर्गत रसोई गैस उपभोक्ताओं के बैंक खाते में अब 128.24 रुपये सब्सिडी आएगी। अभी तक खाते में 189.74 रुपये सब्सिडी आती थी, जो उपभोक्ता सब्सिडी नहीं लेते हैं उन्हें गैस की कीमत कम होने का फायदा मिलेगा।

उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू हुआ खाद्य सुरक्षा कानून, दो रुपये में गेहूं और तीन रुपये में मिलेगा चावल

खाद्य सुरक्षा कानून आज से पूरे प्रदेश में लागू हो गया। इस आशय का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। कानून लागू होने के बाद इसके दायरे में आने वाले सभी परिवारों को दो रुपये प्रतिकिलो की दर से गेहूं और तीन रुपये प्रतिकिलो की दर से चावल दिया जाएगा। अभी तक इस दर पर सिर्फ अंत्योदय परिवार को ही अनाज मिलता था। बीपीएल और एपीएल वालों को अधिक कीमत चुकानी होती थी। इस कानून के तहत प्रतिमाह प्रति व्यक्ति तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जाएगा। प्रदेश के 28 जिलों में 1 जनवरी से ही यह कानून लागू है।

प्रमुख सचिव खाद्य-रसद सुधीर गर्ग के अनुसार, बचे 47 जिलों में भी आज एक मार्च से खाद्य सुरक्षा कानून लागू हो जाएगा। इसके तहत नए सिरे से जिलों के लिए अनाज का आवंटन किया जाएगा। अगर कहीं कोई दिक्कत होगी तो उसे ठीक किया जाएगा। हालांकि सभी उपभोक्ताओं को इस कानून का पूरा लाभ अप्रैल से ही मिल पाएगा क्योंकि जिलों से अभी तक पूरा डाटा उपलब्ध नहीं हो पाया है। ऐसे में आयुक्त कार्यालय से पिछले महीने के आधार पर अनाज आवंटित कर दिया गया है जो जिलों में पहुंच भी गया है। दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों की 79.56 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र की 64 प्रतिशत आबादी को इस कानून के दायरे में शामिल करना है, उसे देखते हुए पुराना आवंटन सभी के लिए पर्याप्त नहीं होगा क्योंकि हर जगह उपभोक्ताओं की संख्या ज्यादा होना स्वाभाविक है।


आगरा, अमरोहा, औरैया, बागपत, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, इटावा, फर्रुखाबाद, फीरोजाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, जालौन, झांसी, कन्नौज, कानपुर नगर, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, संतकबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बुंदेलखंड, महोबा, चित्रकूट और हमीरपुर।