Tuesday, 8 March 2016

सूर्य ग्रहण के चलते बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट, राशियों पर पड़ेंगे ये प्रभाव, जानने के लिए पढ़ें खबर

सूर्यग्रहण के चलते आज चमोली जिले के सभी पौराणिक मंदिर बंद रहेंगे। जिस दौरान मंदिर बंद रहेंगे उस दौरान सूतक रहेगा।
श्री बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि आज सांय 6:35 बजे से बुधवार प्रात: 6:43 बजे तक श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि सूर्यग्रहण का काल बुधवार को प्रात: 6:35 से 6:43 बजे तक का है। चमोली जिले में योगध्यान बदरी मंदिर, गोपीनाथ मंदिर, नृ¨सह मंदिर ऐसे महत्वपूर्ण मंदिर हैं, जिनमें सूतक के दौरान श्रद्धालु पूजा अर्चना नहीं कर पाएंगे।
गंगा आरती में भी किया बदलाव
हरिद्वार के ज्योतिर्विद पंडित शक्तिधर शास्त्री के अनुसार शहर में सूर्यग्रहण आठ मिनट दिखाई देगा। सूर्योदय नौ मार्च सुबह 6.35 बजे होगा और सुबह 6.43 बजे तक खग्रास स्वरूप में सूर्यग्रहण दिखाई देगा।
सूतक काल की शुरुआत आज शाम 5.45 बजे होगी। इसके चलते हरिद्वार में हरकी पैड़ी में गंगा आरती का समय शाम 5:20 रखा गया है। शाम 5:45 बजे से कल सुबह नौ मार्च को 6:45 बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।
इसी के साथ कल सुबह की आरती में भी बदलाव किया गया है। सूर्यग्रहण पूर्ण होने के बाद स्नान आदि के बाद मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे और गंगा आरती होगी।
पंचग्रही योग के कारण शुभ दिन
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन कुंभ राशि में पंचग्रही योग के कारण यह दिन बहुत ही शुभ माना जा रहा है। भारत कई शहर में सूर्यग्रहण का नजारा नजर आएगा।
उस समय कुंभ राशि और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में घटित होगी। इसके कारण कुंभ राशि के जातक सावधानी के साथ रहे। इससे ग्रहण के समय कोई समस्या न हो। साथ ही अन्य राशियों के लिए कुछ सकारात्मक और कुछ नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
ग्रहण का वैज्ञानिक मान्यता
इस ग्रहण के बारें में वैज्ञानिक मान्यता के आधार पर सूर्य ग्रहण की अवधि के समय पृथ्वी के उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव प्रभावित होते हैं। इसलिए यह अवधि ऋणात्मक मानी जाती है। इस अवधि में सूर्यदेव से नकारात्मक किरणें उत्सर्जित होती हैं। इसलिए भी ग्रहण की अवधि में प्रतिकूल किरणों से बचने का प्रयास करना चाहिए।
खग्रास सूर्यग्रहण राशियों पर यह रहेगा असर
मेष: इस राशि के लोगों को संतान यानी अपने बच्चों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। इस अवधि में बच्चों की चोट चपेट और बीमारी आदि को गंभीरता से लेने और उन पर ध्यान देने की जरूरत है। वैसे ज्यादा परेशान न हों इस राशि वालों के लिए ग्रहण का प्रभाव मध्यम रहेगा।
वृषभ: शत्रुओं से बचने और उनसे सावधान रहने की जरूरत है। रोग भी शत्रु ही होता है। अर्थात इससे भी सावधान रहने की जरुरत है। इस ग्रहण के कारण इस राशि के जातकों पर विपरीत प्रभाव पड़ने जा रहा है।
मिथुन: संपत्ति से संबंधित लाभ की संभावना। वैसे भगवान का स्मरण कुयोग को सुयोग में बदल देगा।
कर्क: आकस्मिक लाभ होने के आसार। साथ ही पीड़ा भी हो सकती है। ग्रहण के बाद घर शांति करा लेना बेहतर रहेगा।
सिंह: विवाह, प्रेम एवं दाम्पत्य जीवन में सावधानी बरतें। शरीर में पीड़ा हो सकती है। अलगाव की नौबत आ सकती है।
कन्या: रोग और पीड़ा बढ़ सकती है गुप्त शत्रुओं का भय रहेगा। भगवान का नाम लें।
तुला: इस राशि के लोग पहले से पीड़ित चल रहे हैं ग्रहण के परिणाम भी शुभ नहीं हैं विशेष सावधानी बरतें। पारिवारिक विवाद से खासतौर पर बचने की जरूरत है।
वृश्चिक: सर्विस, व्यापार एवं कॅरियर में लाभ की संभावना है, लेकिन चूंकि इस राशि के लोगों पर शनि की साढ़े साती चल रही है। इस लिए मंगल और शनि का प्रभाव प्रतिकूल रहेगा। घर परिवार में बुजुर्गों की चिंता करें। यात्रा को टालने का भरसक प्रयास करें।
धनु: इस राशि पर भी शनि की साढ़े साती चल रही है इसलिए परिवार और भाइयों के बीच संघर्ष रहेगा। राजकीय मामलों में उलझन बढ़ेंगी। निर्णय संबंधी सावधानी बरतें।
मकर: सभी क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत। परिवार में असंतोष बढ़ेगा। धन की हानि हो सकती है।
कुंभ: विशेष सावधानी की जरूरत। इस राशि के लोग अति संकट में हैं। अतः दान और ईश्वर का स्मरण करें।
मीन: जीवन साथी अथवा प्रेम संबंधित सर्तकता बरतें। अतिव्यय के संकेत हैं। पीड़ा हो सकती है। कारोबार में झटका लग सकता है।  Watch Spiritual Videos http://videos.jagran.com/spiritual

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